शहडोल।प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने रविवार को जिला चिकित्सालय शहडोल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं, मरीजों को मिल रही सुविधाओं और स्वास्थ्य सेवाओं का बारीकी से जायजा लिया।उन्होंने अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों से सीधा संवाद करते हुए कहा कि मरीजों के प्रति संवेदनशील और सेवा भाव से व्यवहार करना ही सच्ची चिकित्सा सेवा है।उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ अपने निर्धारित समय पर अस्पताल में उपस्थित रहें,ताकि किसी मरीज को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी कक्ष में डॉक्टरों की सतत उपस्थिति सुनिश्चित होनी चाहिए और कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।निरीक्षण के दौरान उन्होंने ओपीडी, जनरल सर्जरी, मेडिसिन वार्ड, डायलिसिस यूनिट, सीटी स्कैन, ब्लड बैंक, सोनोग्राफी, एक्स-रे और टेलीमेडिसिन केंद्र का अवलोकन किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पताल परिसर में स्वच्छता और दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाए।श्री शुक्ल ने कहा कि गर्भवती महिलाओं की समय पर जांच और पंजीयन अत्यंत आवश्यक है। प्रत्येक माह की 9 और 25 तारीख को आयोजित शिविरों में विशेषज्ञ महिला चिकित्सकों द्वारा परीक्षण कराए जाएं, ताकि हाई रिस्क गर्भवती माताओं की पहचान समय रहते हो सके।उन्होंने आश्वासन दिया कि डॉक्टरों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की कमी शीघ्र पूरी की जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का हर नागरिक गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और समय पर स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त करे।उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए निरंतर ठोस कदम उठा रही है।निरीक्षण के दौरान विधायक जयसिंहनगर श्रीमती मनीषा सिंह, विधायक जैतपुर जयसिंह मरावी, कलेक्टर डॉ. केदार सिंह, पुलिस अधीक्षक राम जी श्रीवास्तव, सीईओ जिला पंचायत शिवम प्रजापति, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश मिश्रा, सिविल सर्जन डॉ. शिल्पी सराफ सहित जनप्रतिनिधि एवं स्वास्थ्य अधिकारी उपस्थित रहे।











