रीवा संभाग के कमिश्नर बीएस जामोद ने राजस्व प्रकरणों के निराकरण में लापरवाही बरतने वाले 15 तहसीलदारों एवं नायब तहसीलदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उनकी आगामी वेतनवृद्धि रोकने के आदेश जारी किए हैं। इस कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग में हड़कंप की स्थिति है और अधिकारियों को स्पष्ट संदेश गया है कि शासन की प्राथमिकताओं में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जानकारी के अनुसार नामांतरण, बंटवारा एवं सीमांकन से जुड़े प्रकरणों का आरसीएमएस पोर्टल पर निर्धारित समयसीमा में निराकरण नहीं किया गया था। इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन संतोषजनक जवाब एवं सुधारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर कमिश्नर ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत कार्रवाई करते हुए वेतनवृद्धि रोकने के आदेश दिए।
कार्रवाई की जद में रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज एवं मैहर जिले के राजस्व अधिकारी आए हैं। इनमें कई प्रभारी तहसीलदारों एवं नायब तहसीलदारों की एक से लेकर दो-दो वेतनवृद्धियां रोकी गई हैं।
कमिश्नर बीएस जामोद ने स्पष्ट कहा है कि राजस्व प्रकरणों का समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। आम जनता को न्याय और राहत दिलाने में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी राजस्व अधिकारियों को चेतावनी दी है कि निर्देशों की अवहेलना करने पर भविष्य में और कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सख्त प्रशासनिक कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं बीएस जामोद
प्रशासनिक हलकों में बीएस जामोद को एक अनुशासनप्रिय और परिणामोन्मुख अधिकारी के रूप में जाना जाता है। शहडोल संभाग में कमिश्नर रहते हुए भी उन्होंने शिक्षा, राजस्व एवं जनहित से जुड़े मामलों में कई महत्वपूर्ण पहल की थीं। स्कूलों की व्यवस्थाओं में सुधार, अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और जनसुनवाई की शिकायतों के निराकरण को लेकर उन्होंने लगातार सख्ती दिखाई थी।
शहडोल में उनके कार्यकाल के दौरान कई प्रशासनिक सुधारों की चर्चा आज भी होती है। शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने, शासकीय संस्थाओं की मॉनिटरिंग बढ़ाने तथा जनहित के मुद्दों पर त्वरित निर्णय लेने की उनकी कार्यशैली को लोगों ने सराहा था। रीवा संभाग में की गई यह कार्रवाई भी उसी सख्त प्रशासनिक दृष्टिकोण का हिस्सा मानी जा रही है, जिसमें आम जनता के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है।


