मानवीय पहल: कलेक्टर ने सौरभ को दी 5 लाख की सहायता,सफल हुआ किडनी ट्रांसप्लांट

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शहडोल,राहुल मिश्रा।
शहडोल में एक बार फिर जिला प्रशासन की मानवीय संवेदनाएं देखने को मिली हैं।कलेक्टर ने संवेदनशीलता, कर्तव्यनिष्ठा और त्वरित निर्णय क्षमता का परिचय देते हुए वार्ड क्रमांक 8/11 पंचायती मंदिर के पास निवासी सौरभ ताम्रकार को किडनी ट्रांसप्लांट सर्जरी हेतु रेडक्रॉस सोसाइटी मद से 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की है।जानकारी के अनुसार सौरभ ताम्रकार गंभीर किडनी संक्रमण बीमारी से पीड़ित थे और उनका किडनी ट्रांसप्लांट ऑपरेशन इंदौर स्थित अपोलो हॉस्पिटल में प्रस्तावित था। सौरभ ताम्रकार की पत्नी द्वारा कलेक्टर के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने की जानकारी दी गई थी। बताया गया कि उपचार हेतु लगभग 12 लाख रुपये का खर्च अनुमानित है, जिसे वहन कर पाना परिवार के लिए संभव नहीं था।मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने तत्काल मानवीय आधार पर संज्ञान लिया और रेडक्रॉस सोसाइटी से 5 लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत कर उपचार में सहयोग प्रदान किया। राहत मिलने के बाद 27 मई को इंदौर स्थित अपोलो हॉस्पिटल में  सौरभ ताम्रकार का सफलतापूर्वक किडनी ट्रांसप्लांट किया गया।

जरूरतमंदों के लिए संवेदनशील प्रशासन की मिसाल

यह कोई पहला अवसर नहीं है जब कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने मानवीय पहल करते हुए किसी जरूरतमंद की मदद की हो। इससे पहले भी कई ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जहां गंभीर बीमारी,आर्थिक संकट अथवा सरकारी सहायता से जुड़े मामलों में उन्होंने व्यक्तिगत रुचि लेकर पीड़ितों को राहत दिलाई है।चाहे सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना हो, राहत राशि उपलब्ध कराना हो या फिर तत्काल उपचार की व्यवस्था कराना कलेक्टर लगातार संवेदनशील प्रशासन की मिसाल प्रस्तुत कर रहे हैं।जिला प्रशासन की मंशा स्पष्ट है कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं, राहत राशि अथवा उपचार सहायता से वंचित न रहे। बताया जाता है कि यदि किसी भी जरूरतमंद का मामला कलेक्टर के संज्ञान में आता है तो वे स्वयं त्वरित निराकरण सुनिश्चित करते हैं। साथ ही समय-समय पर अधिकारियों को भी स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए जाते हैं कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और जरूरतमंदों को समय पर सहायता उपलब्ध कराई जाए।कलेक्टर की इस पहल की शहर में व्यापक सराहना हो रही है। लोगों का कहना है कि प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बीच मानवीय संवेदनाओं को प्राथमिकता देना समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश है।

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