अमलाई ओपनकास्ट माइंस हादसा एक बार फिर ठेकेदार कंपनियों की लापरवाही का काला सच उजागर कर गया है।आर.के.टी.सी. कंपनी द्वारा बिना सुरक्षा इंतजामों के भारी मशीनें चलाना कर्मचारियों की जान पर भारी पड़ गया।सुरक्षा मानकों की अनदेखी, बिना सेफ्टी अलर्ट और अलार्म सिस्टम के कामकाज ने हादसे को न्योता दिया। अब भी एक टीपर ऑपरेटर मलबे में लापता है, लेकिन कंपनी प्रबंधन खामोश है। मजदूरों की सुरक्षा से खिलवाड़ कर करोड़ों के ठेके लेने वाली कंपनी पर सवाल उठने लगे हैं क्या इस लापरवाही का टेंडर अब रद्द होगा?
राहुल मिश्रा
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शहडोल/धनपुरी-एसईसीएल सोहागपुर एरिया के अमलाई ओपनकास्ट माइंस (OCM) हादसे में 48 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी लापता टीपर ऑपरेटर का अब तक कोई सुराग नहीं लग सका है। घटना स्थल पर राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है। सोमवार को NDRF और SDRF की संयुक्त टीमों को बड़ी सफलता मिली है । टीम ने जमीन में धंसे डोजर का लोकेशन लगभग ट्रेस कर लिया है।
जानकारी के अनुसार, अमलाई OCM में रविवार को मिट्टी खिसकने से एक भीषण हादसा हो गया था। यह हादसा धनपुरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत उस वक्त हुआ जब छत्तीसगढ़ की आर.के.टी.सी. कंपनी द्वारा ओवरबर्डन (OB) शिफ्टिंग का कार्य किया जा रहा था। अचानक ढलान से मिट्टी खिसकने लगी और कुछ ही पलों में पूरा इलाका मलबे में तब्दील हो गया था , हादसे के दौरान चार कर्मचारी इस घटना की चपेट में आ गए दो ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई थी, शिफ्ट इंचार्ज मुनीम यादव को स्थानीय लोगों, पुलिस और SDRF की मदद से कई घंटों बाद जीवित निकाला गया, वहीं टीपर ऑपरेटर अनिल कुशवाहा, जो हादसे के वक्त मशीन चला रहे थे, अब तक लापता हैं।
NDRF की तकनीकी खोजबीन में मिली अहम सफलता
रेस्क्यू टीम ने सोमवार को मैग्नेट ऑपरेशन और वाटर स्कैनिंग तकनीक की मदद से जलमग्न वाहनों का लोकेशन ट्रेस किया है। जानकारी के मुताबिक, वाहन करीब 50 फीट गहराई में मिला है, लेकिन मिट्टी और पानी के मिश्रण के कारण वाहन घटना स्थल से लगभग 25 फीट आगे खिसक गया है।
NDRF की टीम के साथ 35वीं बटालियन मंडला और जबलपुर की आर्मी रेस्क्यू यूनिट भी लगातार सर्च ऑपरेशन में जुटी हुई है।
रेस्क्यू टीम अब वॉटर कैमरे के जरिए टीपर के अंदर की स्थिति का निरीक्षण करने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि कैमरे से वाहन की सटीक पोजीशन मिलने के बाद मशीनों की मदद से उसे बाहर निकाला जा सकेगा।
हादसे ने उठाए कंपनी पर सवाल
स्थानीय लोगों ने बताया कि हादसा आर.के.टी.सी. कंपनी की लापरवाही का नतीजा है। माइंस क्षेत्र में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था, भारी मशीनों के संचालन के दौरान क्षेत्र में कोई सेफ्टी अलर्ट या अलार्म सिस्टम मौजूद नहीं था..

अब भी जारी है तलाश
रेस्क्यू टीम लगातार स्थल पर डटी हुई है। मिट्टी और पानी की जटिल परिस्थितियों के बावजूद ऑपरेशन जारी है। अब पूरा प्रयास लापता टीपर ऑपरेटर को खोज निकालने पर केंद्रित है।
घटनास्थल पहुंचे विधायक जयसिंह मरावी
हम लाइव ओपन कास्ट में 11 अक्टूबर को शाम 5:00 बजे मिट्टी खिसकने के कारण एक बड़ी घटना घटित हुई जिसमें एक कर्मचारी डंपर के साथ पानी में डूब गया और लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन खोजबीन के लिए चलाए जा रहा है तो दूसरी तरफ आज जैतपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक जय सिंह मरावी भी घटना स्थल पर पहुंचे और इस पूरी घटना के संबंध में अधिकारियों से एवं प्रबंधन से जानकारी ली मौके पर उन्होंने घटना पर अपना दुख भी जताया।
हिंद मजदूर सभा के राष्ट्रीय महामंत्री नाथू लाल पांडे ने घटना पर जताया दुख
हिंद मजदूर सभा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं जेबीसीसीआई सदस्य नाथूलाल पांडे ने भी ओपन कास्ट खदान में 11 सितंबर को हुई घटना पर गहरा दुख जताया उन्होंने कहा कि निश्चित ही यह घटना दुखद है और इसमें जिस कंपनी को यहां पर काम मिला है सुरक्षा को लेकर उसकी जिम्मेदारी थी और इस पूरी घटना के लिए वह जिम्मेदार भी हैं उन्होंने टिप्पर ऑपरेटर जो कि हादसे के वक्त गाड़ी चला रहे थे वह डंपर के साथ पानी में डूब गए और उनके परिवार को 5 करोड रुपए का मुआवजा उन्होंने देने की मांग की है।
पूरे समय महाप्रबंधक सहित अधिकारी मौके पर रहे मौजूद
ओपन कास्ट खदान में आज तीसरे दिन एनडीआरएफ के द्वारा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया तो वहीं दूसरी तरफ एसईसीएल सोहागपुर एरिया के महाप्रबंधक बी.के. जेना महाप्रबंधक संचालन मनीष श्रीवास्तव सहित एरिया के अधिकारी मौके पर और पल-पल की जानकारी लेते रहे।











