शहडोल।कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट पार्थ जायसवाल ने फसल काटने के उपरांत उसके अवशेषों पराली नरवाई को जलाने से रोकने हेतु भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 में प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग करते हुए सम्पूर्ण जिला शहडोल राजस्व सीमाक्षेत्र हेतु आदेश जारी किया है।जारी आदेश में कहा गया है कि शहडोल जिला अंतर्गत फसल कटाई के पश्चात फसल अवशेषों को जलाना पूर्णतः प्रतिबंधित किया जाता है।हारवेस्टर मशीन संचालकों को यह अनिवार्य होगा कि वह हारवेस्टर मशीन के साथ स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम,लगाकर ही फसल कटाई करेंगे एवं खेत पर ही फसल अवशेषों का भूषा बनाकर निपटान करेंगे, यदि शहडोल जिले की सीमा में प्रवेश करने वाले हारवेस्टर मशीन संचालकों द्वारा हारवेस्टर में स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम नही लगाया जाता है तो क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी द्वारा नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी, बिना स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम लगी हारवेस्टर मशीन से फसल कटाई कराने पर स्ट्रा रीपर मशीन से भूषा बनवाना अनिवार्य होगा अन्यथा भूमि मालिक एवं हारवेस्टर मशीन संचालक दोनों पर अलग-अलग राशि रूपये 5000.00 का अर्थदण्ड लगाया जाएगा।
जारी आदेष में कहा गया है कि हारवेस्टर मशीन संचालकों को यह अनिवार्य होगा कि वह हारवेस्टर मशीन का प्रकार मशीन वाहन नम्बर, स्वामी का नाम, संपर्क नम्बर, कार्यक्षेत्र आदि की सूचना संबंधित थाना में दर्ज करायेगे, इस हेतु थाना प्रभारी द्वारा नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।नरवाई में आग लगाना दण्डनीय होगा एवं उलंघन पर ऐसे भूमि धारक जिनकी भूमि का क्षेत्र 2 एकड़ से कम है- 2500 रुपये प्रति घटना, ऐसे भूमि धारक जिनकी भूमि का क्षेत्र 2 एकड़ से अधिक है व 5 एकड़ से कम है 5000 रुपये प्रति घटना, ऐसे भूमि धारक जिनकी भूमि का क्षेत्र 5 एकड़ से अधिक है 15000 रूपये प्रति घटना, पर्यावरण क्षतिपूर्ति राशि देय होगी। यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2003 की धारा 163 के अंतर्गत एक पक्षीय रूप में पारित किया जाता है। यह आदेश जारी दिनांक से प्रभावशील होगा। उक्त आदेश का उलंघन करने वाले व्यक्ति के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के अंतर्गत कार्यवाही की जावेगी। उक्त आदेश का शत प्रतिशत पालन करना सुनिश्चित करें।


