नई दिल्ली/शहडोल। मध्यप्रदेश के शहडोल जिले की 13 वर्षीय छात्रा रितिका सिंघई ने अपनी प्रतिभा और लेखन क्षमता से जिले को गौरवान्वित किया है।चर्चित पुस्तक The Scindia Compendium की लेखिका रितिका को केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सपरिवार दिल्ली आमंत्रित किया। 29 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली स्थित संचार मंत्रालय में हुई इस मुलाकात के दौरान केंद्रीय मंत्री ने रितिका की पुस्तक की सराहना की और उसकी बौद्धिक क्षमता से प्रभावित हुए।
पुस्तक से जुड़े सवालों के जवाब देकर जीता दिल
मुलाकात के दौरान ज्योतिरादित्य सिंधिया ने रितिका से पुस्तक से जुड़े कई रोचक प्रश्न पूछे।रितिका ने आत्मविश्वास और हाजिरजवाबी के साथ उनके जवाब दिए। इतनी कम उम्र में पुस्तक लेखन और विषय की गहरी समझ देखकर केंद्रीय मंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त की।इस दौरान उन्होंने स्नेहपूर्वक रितिका से कहा,जय विलास पैलेस आपका दूसरा घर है,जब आपकी इच्छा हो,आप आ सकती हैं साथ ही उन्होंने भविष्य में भी संपर्क बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
शहडोल के प्रतिष्ठित परिवार से है रितिका का संबंध
रितिका सिंघई शहडोल के पुराने गांधी चौक निवासी राकेश एवं सुषमा सिंघई की पौत्री तथा राहुल एवं रीना सिंघई की पुत्री हैं। वह वर्तमान में ब्राइटन इंटरनेशनल स्कूल, शहडोल में कक्षा आठवीं की छात्रा है।महज13 वर्ष की उम्र में पुस्तक की लेखिका के रूप में पहचान बनाना उनकी प्रतिभा और रचनात्मक सोच को दर्शाता है।दिल्ली में हुई इस विशेष मुलाकात के दौरान उनके साथ मध्यप्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष एवं पूर्व स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी (नाना), भाजपा नेता रोहित जैन(मामा)तथा निखिल जैन (मौसा)भी उपस्थित रहे।
सांसद और विधायक सहित जनप्रतिनिधियों ने दी शुभकामनाएं
दिल्ली रवाना होने से पहले रितिका ने शहडोल सांसद हिमाद्रि सिंह,विधायक मनीषा सिंह, भाजपा जिला अध्यक्ष अमिता चपरा सहित अन्य प्रमुख जनप्रतिनिधियों एवं महिला नेत्रियों से दूरभाष पर चर्चा कर आशीर्वाद प्राप्त किया। सभी ने उसकी उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
रितिका की उपलब्धि से शहडोल में हर्ष
कम उम्र में पुस्तक लेखन के क्षेत्र में पहचान बनाने वाली रितिका की इस उपलब्धि से परिवार, रिश्तेदारों, शुभचिंतकों और जैन समाज में हर्ष का माहौल है। केंद्रीय मंत्री से मिली सराहना ने इस उपलब्धि को और खास बना दिया है। रितिका की सफलता जिले के उन बच्चों के लिए प्रेरणा है, जो पढ़ने-लिखने और अपनी प्रतिभा को नई पहचान देने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।








