शहडोल।जिले में राजस्व कार्यों में लापरवाही और गंभीर शिकायतों को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर पार्थ जायसवाल के निर्देशन में जिलेभर में लगातार कार्रवाई का दौर जारी है। इसी क्रम में सोहागपुर अनुविभाग में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्रीमती अमृता गर्ग ने दो पटवारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। कार्रवाई से राजस्व अमले में हड़कंप मचा हुआ है।एसडीएम द्वारा जारी अलग-अलग आदेशों में बिजौरी हल्का पटवारी दीपचंद सिंह तथा चापा हल्का पटवारी आशीष सोनकर के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
फार्मर रजिस्ट्री में महज 21 आईडी, पटवारी निलंबित
पहले मामले में बिजौरी हल्का पटवारी दीपचंद सिंह के खिलाफ फार्मर रजिस्ट्री कार्य में लापरवाही का मामला सामने आया। आदेश के अनुसार 10 दिनों की रिपोर्ट में उनके द्वारा महज 21 फार्मर आईडी बनाए जाने की जानकारी सामने आई। इस पर कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया, लेकिन उनके द्वारा कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया।
इसे शासकीय दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही एवं उदासीनता मानते हुए एसडीएम अमृता गर्ग ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियमों के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय सोहागपुर निर्धारित किया गया है।
20 हजार रिश्वत मांगने की शिकायत, पटवारी पर दूसरी बड़ी कार्रवाई
दूसरे मामले में तत्कालीन चापा पटवारी आशीष सोनकर के खिलाफ जमीन संबंधी काम और जाति प्रमाण-पत्र बनवाने के एवज में 20 हजार रुपए रिश्वत मांगने तथा 15 हजार रुपए नकद लेने की शिकायत की गई थी। शिकायतकर्ता द्वारा पटवारी पर अश्लील हरकत के आरोप भी लगाए गए थे।शिकायत के बाद पटवारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया, लेकिन आदेश के मुताबिक उनके द्वारा जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके बाद एसडीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्हें भी मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम-9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
कलेक्टर के सख्त निर्देश,लापरवाही पर नहीं मिलेगी राहत
जिले में लगातार हो रही प्रशासनिक कार्रवाइयों को कलेक्टर पार्थ जायसवाल के सख्त प्रशासनिक रुख से जोड़कर देखा जा रहा है। कलेक्टर द्वारा अधिकारियों-कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि शासकीय कार्यों में लापरवाही, उदासीनता अथवा जिम्मेदारी से बचने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
इससे पहले भी जिले में लापरवाही बरतने वाले कई अधिकारियों-कर्मचारियों पर अर्थदंड और वेतन कटौती जैसी कार्रवाई के निर्देश भी दिए जा चुके हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में प्रशासनिक स्तर पर कुछ और बड़ी कार्रवाई सामने आने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।
एसडीएम अमृता गर्ग की कार्यशैली की भी चर्चा
सोहागपुर एसडीएम श्रीमती अमृता गर्ग द्वारा मामलों को गंभीरता से लेते हुए नियमों के तहत कार्रवाई किए जाने की प्रशासनिक हलकों में चर्चा है। दो अलग-अलग मामलों में एक ही दिन निलंबन की कार्रवाई से यह संदेश गया है कि शासकीय दायित्वों में लापरवाही अथवा गंभीर शिकायतों को अब नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
कलेक्टर पार्थ जायसवाल के निर्देशन और एसडीएम अमृता गर्ग की सक्रिय कार्यशैली के चलते सोहागपुर सहित जिले के राजस्व अमले में जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है।


