शहडोल की कवयित्री ने देश के प्रतिष्ठित साहित्यिक मंचों पर दी प्रभावी प्रस्तुति, ‘स्वाति की बूंद’ का हुआ विमोचन
शहडोल। हिंदी पखवाड़े के अवसर पर आयोजित साहित्यिक कार्यक्रमों में शहडोल की कवयित्री संगीता शुक्ला ‘स्वरा’ ने अपनी नज़्मों और मुक्तकों की प्रभावशाली प्रस्तुति से साहित्यप्रेमियों की खूब सराहना बटोरी। बनारस से मथुरा तक आयोजित साहित्यिक आयोजनों में उनकी रचनात्मक उपस्थिति ने श्रोताओं को अपनी काव्य अभिव्यक्ति से जोड़े रखा।
20 सितंबर को बनारस के लमही स्थित मुंशी प्रेमचंद की जन्मस्थली पर भव्य साहित्यिक आयोजन हुआ। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से जुड़े साहित्य विद्यार्थियों की सहभागिता वाले इस कार्यक्रम में हिंदी साहित्य की समृद्ध परंपरा और युवाओं की साहित्य के प्रति रुचि दिखाई दी। इसी मंच पर संगीता शुक्ला ‘स्वरा’ ने चुनिंदा नज़्मों और मुक्तकों की प्रस्तुति देकर उपस्थित श्रोताओं की वाहवाही हासिल की।
इसके बाद 27 सितंबर को मथुरा में प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा द्वारा आयोजित साहित्यिक कार्यक्रम में देशभर से साहित्यकार, कवि, समीक्षक एवं पत्रकार जुटे। इस अवसर पर ‘स्वरा’ ने अपनी रचनाओं की प्रभावपूर्ण प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में उनके नवीन मुक्तक संग्रह ‘स्वाति की बूंद’ का विमोचन भी किया गया। उपस्थित साहित्यकारों एवं अतिथियों ने पुस्तक के प्रकाशन पर कवयित्री को शुभकामनाएं दीं।बनारस की साहित्यिक विरासत से लेकर मथुरा के व्यापक साहित्यिक मंच तक संगीता शुक्ला ‘स्वरा’ की सक्रिय साहित्यिक उपस्थिति ने हिंदी पखवाड़े के आयोजनों को खास बनाया। उनकी नज़्मों की संवेदनशीलता, मुक्तकों की प्रभावी अभिव्यक्ति और मंचीय प्रस्तुति के अंदाज ने साहित्यप्रेमियों के बीच अपनी विशिष्ट पहचान बनाई।





