“पत्रकार”राहुल मिश्रा
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शहडोल जिले के मनरेगा अभियंता संघ मध्यप्रदेश के बैनर तले जिले के संविदा उपयंत्रियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। उपयंत्रियों ने बताया कि वे पिछले डेढ़ महीने से अधिक समय से हड़ताल पर हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।
ज्ञापन में कहा गया है कि संविदा उपयंत्रियों की लंबित मांगों का निराकरण नहीं होने से उनके परिवार आर्थिक और मानसिक संकट से गुजर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो वे परिवार सहित कठोर कदम उठाने को मजबूर होंगे।
संविदा उपयंत्रियों ने बताया कि 22 जुलाई 2023 को शासन द्वारा एक नीति जारी की गई थी, जिसमें मृतक संविदा कर्मियों के परिवार को अनुकंपा नियुक्ति देने, सेवाओं का नियमितीकरण करने और वेतन विसंगतियों को दूर करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अभी तक इसका क्रियान्वयन नहीं हो पाया है। इस कारण प्रदेशभर के 1335 संविदा उपयंत्री मानसिक और शारीरिक पीड़ा झेल रहे हैं।

संघ का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण व गांधीवादी तरीके से आंदोलन कर रहे हैं, किंतु सरकार की उदासीनता से उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। ज्ञापन में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि यदि 5 दिनों के भीतर उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
संविदा उपयंत्रियों ने यह भी कहा कि लगातार हड़ताल के चलते मनरेगा सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कई कार्य प्रभावित हो रहे हैं। गांवों में चल रहे निर्माण कार्य अधर में लटके हुए हैं और आमजन को भी इसका खामियाजा उठाना पड़ रहा है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान उपयंत्रियों ने ज्ञापन सोपते समय आग्रह किया कि वे उनकी मांगों को शासन स्तर तक गंभीरता से पहुंचाएं और शीघ्र सकारात्मक पहल कर समाधान निकालें। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शासन-प्रशासन ने समय रहते निर्णय नहीं लिया तो 1335 संविदा उपयंत्रियों का सामूहिक त्यागपत्र और परिवार सहित आत्मसमर्पण की स्थिति भी निर्मित हो सकती है।
हड़ताल के कारण जहां उपयंत्रियों का भविष्य संकट में है, वहीं विकास कार्यों की रफ्तार भी थम गई है। अब देखना होगा कि शासन संविदा उपयंत्रियों की मांगों पर कब तक कोई ठोस कदम उठाता है।
ज्ञापन सौंपते समय मनरेगा अभियंता संघ जिला शहडोल अभियंता मातृ शक्ति श्रीमती पुष्पांजलि तिवारी,श्रीमती मांडवी त्रिपाठी,श्रीमती रत्नमाला मिश्रा,नीलिमा श्रीवास्तव,रेखा रहगडाले एवं रघुवंश तिवारी,सीताशरण शुक्ला,बृजेंद्र तिवारी,नरेंद्र परमार,अनिल शुक्ला,मनोज शुक्ला,सुभाष प्रसाद,रोहित कुमरे,रईसुदर्दिन खान,भूपेन्द्र आरमो आदि लोगों उपस्थित रहे।









