राहुल मिश्रा।
शहडोल।सोहागपुर उप पंजीयक कार्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर लंबे समय से सामने आ रही शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने कार्रवाई की है संवेदनशील,कर्त्तव्यनिष्ठ,न्यायप्रिय कलेक्टर पार्थ जायसवाल के आदेश पर उप पंजीयक सचिन जैन को पंजीयन कार्य से हटा दिया गया है।ब्यौहारी की उप पंजीयक संतोषी गुप्ता को शहडोल पंजीयन कार्यालय का प्रभार सौंपा गया है।नई व्यवस्था के तहत वह सोमवार से पंजीयन कार्य संभालेंगी।सचिन जैन की कार्यप्रणाली को लेकर पिछले लंबे समय से अधिवक्ताओं,सेवा प्रदाताओं और आम नागरिकों की ओर से शिकायतें सामने आ रही थीं।शिकायतों में कथित अवैध वसूली,पंजीयन प्रक्रिया में अनावश्यक आपत्तियां,नियमों की अलग-अलग व्याख्या,पक्षकारों को परेशान करने तथा संपत्तियों के मूल्यांकन और पंजीयन प्रक्रिया से जुड़े कई आरोप लगाए गए थे।इन शिकायतों को लेकर संबंधित लोगों ने जिला प्रशासन से लेकर संभाग और भोपाल स्तर तक शिकायतें पहुंचाई थीं।
शिकायतों को गंभीरता से लिया कलेक्टर ने
मामले में अहम बात यह रही कि शिकायतों को लंबे समय तक लंबित रखने के बजाय न्यायप्रिय कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने मामले की जांच कराने का निर्णय लिया। कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम अमृता गर्ग को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई।जांच के दौरान शिकायतों में उठाए गए बिंदुओं और पंजीयन कार्यालय की कार्यप्रणाली से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की गई।जांच के बाद पंजीयन व्यवस्था में बदलाव किया गया और सचिन जैन को पंजीयन कार्य से हटाकर शहडोल का प्रभार दूसरे उप पंजीयक को सौंप दिया गया।
कलेक्टर की कार्यशैली की चर्चा
इस कार्रवाई के बाद कलेक्टर पार्थ जायसवाल की कार्यशैली को लेकर भी चर्चा है।खास तौर पर यह बात सामने आ रही है कि शिकायतों को केवल कागजों तक सीमित रखने के बजाय उनकी जांच कराकर प्रशासनिक स्तर पर निर्णय लिया गया।पंजीयन कार्यालय से जुड़े लोगों का कहना है कि लंबे समय से सामने आ रही शिकायतों पर कार्रवाई होने से अब नई व्यवस्था को लेकर लोगों में उम्मीद जगी है।आम नागरिकों और दस्तावेज लेखकों की निगाहें अब इस बात पर हैं कि नए प्रभार के बाद पंजीयन प्रक्रिया कितनी सरल,पारदर्शी और नियमसम्मत रहती है।
एसडीएम अमृता गर्ग की जांच भी अहम

पूरे मामले में एसडीएम अमृता गर्ग की जांच को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।शिकायतों में उठाए गए बिंदुओं की पड़ताल के बाद प्रशासन ने पंजीयन व्यवस्था में बदलाव किया।कलेक्टर के आदेश पर डिस्ट्रिक्ट रजिस्ट्रार मुकेश बघेल को भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए, जिसके बाद प्रभार में बदलाव किया गया।
आगे की कार्रवाई पर नजर
अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि पूर्व में सामने आई शिकायतों की जांच में क्या तथ्य सामने आए और उन पर आगे क्या कार्रवाई होती है।यदि जांच में अनियमितताएं प्रमाणित होती हैं तो जिम्मेदारी तय किए जाने की दिशा में भी कार्रवाई हो सकती है।फिलहाल प्रशासन की ओर से पंजीयन व्यवस्था में बदलाव किया गया है।
इनका कहना है।
उप पंजीयक सचिन जैन की लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं।मैंने जांच के आदेश दिए थे।जांच के बाद सचिन जैन को हटाकर दूसरे उप पंजीयक की पदस्थापना की गई है।
पार्थ जायसवाल
कलेक्टर,शहडोल।







