राहुल मिश्रा
शहडोल शहर के परिवहन कार्यालय में नियमित अधिकारी की पदस्थापना के बाद भी अव्यवस्थाएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। मनमानी वसूली,समय पर कार्य न होना,तथा अनाधिकृत व्यक्तियों द्वारा सरकारी कामकाज किए जाने को लेकर शुक्रवार से परिवहन एजेंटों ने कामकाज ठप कर विरोध दर्ज कराया था।एजेंटों का कहना है कि कार्यालय में सुधार नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
अनाधिकृत लोगों के हाथों में जिम्मेदार कार्य
जानकारी के अनुसार,पिछले आरटीओ के कार्यकाल में चार ऐसे व्यक्तियों से महत्वपूर्ण कार्य कराया जा रहा था,जो परिवहन विभाग के कर्मचारी नहीं हैं।यह प्रवृत्ति अब भी जारी है। नए अधिकारी अनपा खान की नियुक्ति के बाद भी दो निजी अरविंद,जितेंद्र कार्यालय के कार्यों में सक्रिय हैं।इनमें से एक खुद को स्टेनो बताकर कार्य कर रहा है, जबकि दूसरा लाइसेंस विभाग में काम कर रहा है।एजेंटों का आरोप है कि इन लोगों द्वारा अनाप-शनाप पैसों की मांग की जा रही है,जिससे आमजन को परेशानी हो रही है हर काम का अवैध वसूली और रेट डबल कर दिया गया है।
एजेंटों ने जताया कड़ा विरोध
शुक्रवार से आरटीओ एजेंटों ने कार्य बहिष्कार कर विरोध शुरू कर दिया है।उनका कहना है कि जब तक कार्यालय में व्यवस्थाएं सुधार नहीं लाई जातीं और अनाधिकृत व्यक्तियों को बाहर नहीं किया जाता,तब तक कामकाज शुरू नहीं होगा।एजेंटों का आरोप है कि विभाग में भ्रष्टाचार बढ़ता जा रहा है और आम लोगों को हर काम के लिए मोटी रकम देनी पड़ रही है।
नए अधिकारी से चर्चा बेनतीजा
परिवहन सलाहकारों ने इस विषय में नए आरटीओ अनपा खान से चर्चा करने का प्रयास किया,लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। बताया गया कि कई बार फोन करने के बावजूद अधिकारी ने कॉल रिसीव नहीं किया।एजेंटों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को बड़े स्तर पर आगे बढ़ाया जाएगा।
सुधार की मांग
एजेंटों का स्पष्ट कहना है कि विभाग में पारदर्शिता और व्यवस्था बनाए रखना अधिकारी की जिम्मेदारी है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि अनाधिकृत लोगों की दखलअंदाजी समाप्त नहीं की गई,तो वे चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेंगे।इस घटना ने एक बार फिर परिवहन कार्यालय की कार्यशैली और भ्रष्टाचार पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आरटीओ कार्यालय में भ्रष्टाचार की शिकायत,बस मालिकों और आमजन को हो रही परेशानी:संदीप तिवारी

वरिष्ठ अधिवक्ता एवं जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष संदीप तिवारी ने शहडोल आरटीओ कार्यालय में जारी भ्रष्टाचार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि “पूर्व आरटीओ के कार्यकाल में भी भ्रष्टाचार चरम पर था, लेकिन अब नए आरटीओ के आने के बाद विभिन्न सेवाओं और कार्यों के ‘रेट’ लगभग दोगुने कर दिए गए हैं।”
उन्होंने बताया कि इसका सीधा असर बस मालिकों और एजेंटों पर पड़ रहा है, जो अपनी आर्थिक परेशानियों के चलते यह बोझ आम जनता पर डाल रहे हैं। यात्रियों से अनावश्यक और अत्यधिक किराया वसूला जा रहा है, जिससे आमजन त्रस्त है।
संदीप तिवारी ने चेतावनी देते हुए कहा, “यदि वरिष्ठ अधिकारी शीघ्र ही इस मामले में संज्ञान लेकर उचित कार्यवाही नहीं करते हैं, तो मैं आमजन के हित में माननीय न्यायालय की शरण में जाना पड़ा तो जाऊगा
इनका कहना है।
इस विषय में मुझे किसी प्रकार की कोई जानकारी नहीं दी गई ना ही मुझसे बात की गई है यह जो भी आरोप है वह सब गलत है।
अनपा खान परिवहन अधिकारी शहडोल।









